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11 नवम्बर

मंगौड़ी पापड़ की सब्जी

  • मंगौड़ी पापड़ की सब्जी

    आज हम यहाँ आपको मंगौड़ी पापड़ की सब्जी बनाना बता रहे हैं. मंगौड़ी का प्रयोग मैं बचपन से अपने घर में देखती आ रही हूँ. यह मारवाड़ी खाने की जान होती हैं. मंगौड़ी को मूंगदाल के पेस्ट से बनाया जाता है. बनाने के बाद मंगौड़ी को धूप में सुखाते हैं और फिर इसे डिब्बे में स्टोर कर सकते हैं और ज़रूरत के अनुसार इसका प्रयोग किया जा सकता है. इस सब्जी की एक और खासियत है कि यह मधुमेह वाले भी खा सकते हैं.... read more...

दही के आलू

  •  dahi aloo

    दही के आलू

    दही के आलू चटपट बनने वाला बहुत स्वादिष्ट व्यंजन है. दही के आलू बनाने के लिए गाढ़े दही में नमक मिर्च मिलाएं और उबले कटे हुए आलू, लीजिये तैयार हो गए दही के आलू. है न एकदम आसान और स्वाद में बेमिसाल! दही कैल्शियम का अच्छा स्रोत है. इसमे प्रोटीन भी प्रचुर मात्रा में होती है. उपवास के दिनों में अधिकतर परिवारों में दही खाया जाता है. स्वादिष्ट दही के आलू व्रत में बहुत अच्छे लगते हैं. कुटु और सिंघाड़े के व्यंजन गर्म तासीर के होते हैं, इसीलिए इन्हें दही के व्यंजनों के साथ.... read more...



मोरिंगा और नारियल की सब्जी

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    मोरिंगा और नारियल की सब्जी

    मोरिंगा के पत्ते गुणों का खजाना हैं. मोरिंगा जिसे सहजन के नाम से भी जाना जाता है बहुउपयोगी पौधा है. मोरिंगा, मोरंगेसी परिवार का सदस्य है जिसका जिक्र हमारे पौराणिक ग्रंथों में भी है. आयुर्वेद के अनुसार मोरिंगा के फूल, फली, तना, पट्टी, आदि सभी का प्रयोग खाना बनाने और आयुर्वेदिक दवाइयों में भी होता है. इसके बीज का प्रयोग भी दवा के जैसे किया जाता है. मोरिगा यानि की सहजन को गुणों का खजाना बताया गया है, इसमें कई प्रकार के विटामिन, प्रोटीन लौह तत्व और कई प्रकार के खनिज बहुतायत में पाए जाते हैं.... आगे पढ़ें...


भारतीय परंपरा के अनुसार कच्चा खाना क्या है?

अक्सर लोग मुझसे प्रश्न करते हैं कि भारत में कच्चा खाना किसे कहते हैं. पश्चिमी देशों में कच्चा खाना (raw food या uncooked food) उसे कहते हैं जो पकाया न गया हो. किन्तु भारतीय भोजन में कच्चा खाना क्या है? दोनों में जमीन आसमान का अंतर है. चलिए विस्तार से समझते हैं इस पारंपरिक भारतीय खाने को और इसके पीछे की स्वस्थ परम्परा को और कुछ मुख्य तथ्य कच्चे खाने के बारे में-

  1. वो खाना जिसे पहले उबाला जाता है और उसमें बाद में तड़का लगता है उसे कच्चा खाना कहते हैं. या फिर वो खाना जिसमे घी तेल न हो उसे भी कच्चा खाना कहा जाता है. दाल, चावल और रोटी खासतौर पर कच्चे खाने के हिस्से हैं.
  2. ८०-९० के दशक में भारत में ज्यादातर घरों में सुबह के खाने में ही यह कच्चा खाना बनता था. खिचड़ी कच्चे खाने का हिस्सा है क्योकि खिचड़ी में दाल चावल को पहले उबाला जाता है और तड़का बाद में लगता है. जबकि पुलाव पक्के खाने का हिस्सा है क्योंकि इसमें घी/तेल पहले डाला जाता है.
कच्चा खाना
कच्चे खाने का उदाहरण - दाल चावल रोटी सब्जी

कच्चे खाने के बारे में विस्तार से पढ़ें-

  •  turmeric

    हल्दी के फायदे | गुणकारी हल्दी

    हल्दी गुणों का खजाना है. हल्दी को संस्कृत में हरिद्रा कहते हैं. यह अदरक के परिवार जिंजीबेरेसी (Zingiberaceae) की सदस्य है. हल्दी का वानस्पतिक नाम Curcuma longa (कुरकुमा लोंगा) है. ... हल्दी कंद है जिसे बड़ी आसानी से घर पर उगाया जा सकता है. हल्दी का पौधा बहुवार्षिक होता है, यह गर्मी की फसल है लेकिन इसे तेज धूप पसंद नहीं है. हल्दी के पत्ते, तना और कंद सभी का प्रयोग खाने और औषधी बनाने में किया जाता है. नीचे लगी फोटो में हमारे घर पर उगाई गयी हल्दी के पौधे की कुछ अवस्थाएं दिखाई गयी हैं. हम हल्दी के पत्तों, तने और कंद सभी का उपयोग खाने में करते हैं.आगे पढ़ें ..

12-नवम्बर-2018

डायबिटीज के लिए कुछ खास स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन | स्वास्थ्यवर्धक खाना मधुमेह के लिए

प्रिय पाठकों,

अक्सर हमारे पाठकगण पूछते हैं कि मधुमेह बीमारी से ग्रसित लोग कैसे अच्छे, स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन बना सकते हैं. हमने मेल के ज़रिए आपको कई बार अलग से भी इसकी जानकारी दी है लेकिन इस बार क्योंकि कई सारी फरमाइश एक साथ आ गयी हैं तो हमने सोचा कि बेहतर होगा अगर विस्तार से इसके बारे में वेबसाइट पर लिखा जाए.

मधुमेह यानि कि डायबिटीज (diabetes) क्या है- जब किसी भी इन्सान के खून में शक्कर की मात्रा निर्धारित मापदंड से ज्यादा हो जाती है तो उसे डायबिटिक यानि कि मधुमेह बीमारी से ग्रसित कहा जाता है. अब सवाल यह है कि यह निर्धारित मात्रा क्या है ?यह मापदंड समय समय पर बदलता रहता है. मैं डॉक्टर नहीं हूँ तो इस विषय में आप अपने डॉक्टर के साथ बात करें. हाँ जब एक बार किसी को मधुमेह हो गया तो क्या करा जाये? जितना मैंने पढ़ा है और अपने परिजनों को इस बीमारी से ग्रसित होने के बाद अनुभव किया है उसके अनुसार मैं यह लेख यहाँ पर लिख रही हूँ. सबसे अच्छा यही है कि मधुमेह को खानपान और नियमित कसरत, योग, ध्यान इत्यादि से ही काबू में रखा जाये तो सबसे अच्छा है. मधुमेह की बीमारी अगर बढ़ जाती है तो यह पूरे शरीर को खोखला करना शुरू कर देती है. मैंने परिवार और दोस्तों में कई लोगों को इस बीमारी को भोगते हुए देखा है. मैं सबको यही सलाह देती हूँ कि खानपान में सुधार कीजिये और नियमित रूप से शारीरिक श्रम कीजिये.

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