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22-नवम्बर-2020

थैंक्सगिविंग विशेष!

थैंक्सगिविंग (Thanksgiving) अमेरिका मे मनाया जाने वाला एक बहुत बड़ा राष्ट्रीय त्यौहार है. थैंक्सगिविंग का त्यौहार हर वर्ष नवंबर महीने के चौथे गुरुवार को मनाया जाता है. इस वर्ष थैंक्सगिविंग का त्यौहार गुरुवार 26 नवंबर को है. जैसा कि नाम से ही जाहिर है धन्यवाद देना, अब यह धन्यवाद सबसे पहले तो ईश्वर को जाता है जिसने हमें यह जीवन दिया है फिर परिवार को, दोस्तों को इत्यादि इत्यादि...

इस त्यौहार की शुरुआत के बारे में बताया जाता है कि जब सदियों पहले ब्रिटेन से लोग अमेरिका में बसने आए थे तो अमेरिका के प्रवासी नागरिकों (native Americans) ने उनकी मदद की थी यहाँ के कठोर मौसम में स्थापित होने में. प्रवासी अमेरिकन ने ब्रिटेनवासियों को यहाँ के मौसम के अनुरूप खेती इत्यादि भी करना सिखाया था. कहा जाता है कि जब पहली फसल लहलाहाई और इसकी कटाई हुई तो ब्रिटेन वासियों ने प्रवासी अमेरिकन लोगों के लिए एक भोज का आयोजन किया और उन्हे मदद करने के लिए धन्यवाद किया...बस यहीं से यह परंपरा शुरू हुई.....

थैंक्सगिविंग के दिन सभी परिवार वाले एकत्रित होते हैं और मिल जुल कर खाना बनाते और खाते हैं. अब क्योंकि यह त्यौहार फसल कटाई के बाद होता है तो आमतौर पर खाने में उन चीज़ों का ज़्यादा प्रयोग किया जाता है जिनकी कटाई होती है. इसके साथ ही साथ इस त्यौहार के दिन खास तौर पर टर्की (एक प्रकार का जानवर) बनाने की भी परंपरा है... कुछ खास सामग्री जैसे कॉर्न, कद्दू, बेरी, सेब, शकर्कंडी इत्यादि थैंक्सगिविंग के खाने के आयोजन में खास तौर पर इस्तेमाल करे जाते हैं.

अब हम क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समाज में रहते हैं तो हम भी सभी त्यौहारों को प्रेम और सदभाव से अपने हिसाब से मानते हैं. पिछले हफ्ते हमारे एक दोस्त ने अंतरराष्ट्रीय व्यंजन समारोह के नाम से एक पौटलक (potluck) पार्टी का आयोजन किया थैंक्सगिविंग की तैयारी की शुरुआत करने के लिए........तो चलिए हम आपको इस खास त्यौहार पर कुछ खास देसी और विदेशी व्यंजनों से परिचित करते हैं.

थैंक्सगिविंग की शुभकामनाओं के साथ,
शुचि


थैंक्सगिविंग के व्यंजनों के बारे में विस्तार से पढ़ें

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मिठाई | मिष्टी

कृत्रिम स्वादों से दूर प्राचीन, पारम्परिक और स्वादिष्ट भारतीय मिठाइयाँ जिन्हें गेहूँ के आटे, घी और शक्कर से बनाया गया है! आप भी बनाइये आटे का लड्डू , शकरपारे, आटे का शीरा और चूरमा!

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सफेद तिल

आयुर्वेद में तिल की बहुत प्रशंसा की गयी है. तिल को कटु, मधुर और तिक्त रस युक्त बताया गया है. इसे पित्तनाशक और कफ नाशक भी बताया गया है. तिल में कैल्शियम बहुतायत में होता है, इसके साथ ही साथ इसमें फासफ़ोरस और कई प्रकार के खनिज और विटामिन भी होते हैं.बाज़ार में दो प्रकार के सफेद तिल आते हैं, एक महीन छिलके के साथ जो कि हल्का गुलाबी-भूरा होता है, और एक बिना छिलके के जो एकदम सफेद होता है. स्वास्थ्य के लिहाज से छिलके वाला तिल अति उत्तम है. छिल्के वाले तिल में कैल्शियम की मात्रा लगभग दोगुनी होती है. तिल से नाना प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं. जैसे कि, मिठाइयाँ, नमकीन, करी, चटनी इत्यादि कई प्रकार की ब्रेड बनाने में भी इनका प्रयोग होता है.

sesame

तिल के बारे में और पढ़ें


  •  Baingan Aloo

    पातरा/ पात्रा

    पातरा/ पात्रा जिसे पतौड़े के नाम से भी जाना जाता है एक बहुत स्वादिष्ट और बहुत कम चिकनाई से बनने वाला नाश्ता है. पातरा को अरबी/ घुइयाँ के पत्तों से बनाया जाता है. गर्मी और बारिश के मौसम में यह पत्ते भारत में आसानी से सब्जी मंडी में मिल जाते हैं, लेकिन शायद विदेश में मिलना मुश्किल हो. मैं तो अपनी बगिया में गर्मी के मौसम में घुइयाँ/ अरबी उगाती हूँ जिससे हर 20-25 दिन में ताजे पत्ते आते रहते हैं और तीन चार बार तो सीजन में पातरा बन ही जाता है. वैसे आप विकल्प के तौर पर कोलार्ड के पत्ते से भी पातरा बनाने की कोशिश कर सकते हैं....read more...

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    शुचि और शुचि की रसोई के बारे में दूसरी वेबसाइट पर पढ़ें !

    आप शुचि के द्वारा लिखे कुछ लेख, और शुचि की रसोई के बारे में दूसरी वेबसाइट पर भी पढ़ सकते हैं. शुचि की रसोई को कुछ व्यंजन स्थानीय अखबार और मासिक पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं, जिनमें मुख्य रूप से आयुर्वेद के, शाकाहारी व्यंजन, बागवानी, सेहत आदि विषयों से सम्बंधित लेख हैं. read more...

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    जीरा आलू

    जीरा आलू, मसाला आलू, सूखे आलू या फिर आलू के गुटके- नाम चाहे जो भी हो लेकिन यह एक आलू की सब्जी उत्तर भारत की बहुत ही लोकप्रिय सूखी सब्जी है. उत्तर भारत में सूखे आलू अरहर की दाल-चावल और रोटी के साथ रोजाना में बनने वाली सब्जी है. आलू की सब्जी बच्चों को भी बहुत पसंद होती है. जीरा आलू को बनाना बहुत आसान है लेकिन स्वाद में यह लाजवाब है. वैसे तो आप में से बहुत सारे पाठक इस सब्जी से परिचित होंगे लेकिन आगे पढ़ें...

कुछ लेख रसोई से सम्बंधित!

यहाँ हम आपको रसोई से सम्बंधित कुछ लेख बतायेंगें जैसे कि रसोई को अच्छे से व्यवस्थित करने के कुछ गुण, बर्तन को ठीक से व्यवस्थित करना, घर की बगिया में कुछ सब्सियों को उगने के गुण, घी तेल के गुण, कुछ मसालों के बारे में, कुछ और्वेद से सम्बंधित लेख, कुछ आज के विज्ञान और नयी शोध जिनसे बेहतर स्वस्थ जीवन को अपनाया जा सकता है आदि.

  • गाजर और मिर्च का अचार

    गाजर और मिर्च का अचार

    गाजर और मिर्च का अचार स्वादिष्ट और चटपट बनने वाला अचार है जिसके लिए आपको बहुत ही कम मसलों कि जरूरत जो आमतौर पर सभी भारतीय घरों में इस्तेमाल होते हैं. इस अचार का आईडिया मुझे एक रेस्टोरेंट से मिला. कुछ समय पहले हमने शिकागो शहर में एक भारतीय रेस्टोरेंट में भरवाँ पराठे के साथ इसे खाया था. खाने में यह आचार बहुत स्वादिष्ट और अचार से ज्यादा सलाद के जैसा लग रहा था.....आगे पढ़ें ..

वैष्णव खाना

बिना प्याज लहसुन का खाना वैष्णव भोजन/खाना कहलाता है। कुछ जगहों पर इसे स्वामीनारायण भोजन भी कहते हैं। पूजा-पाठ और भगवन के खाने में विशेष रूप से प्याज लहसुन का प्रयोग किया जाता है। तीज- त्योहारों में और कई बार पार्टियों में भी ऐसा खाना बनाया जाता है, और ख़ास तौर पर व्रत के दिनों में भी।

हालांकि पौराणिक ग्रंथों में ऐसा लिखा है कि लहसुन अमृत तुल्य है (लहसुन का वर्णन देवासुर संग्राम के दौरान आता है - कहानी ये है कि जब समुद्र मंथन के बाद अमृत निकला तो राहु ने चुपके से उसे पीना चाहा। तब विष्णु जी ने उसका गला काट दिया। इस दौरान कुछ अमृत की बूँदें पृथ्वी पर छिटक गयीं, और उनसे बना लहसुन !) आयुर्वेद में भी लहसुन का कई जगह वर्णन है। लहसुन को बहुउपयोगी रसायन बताया गया है और इसके प्रयोग को उत्तम स्वास्थ्य हेतु आवश्यक बताया गया है।

तो मुझे प्याज लहसुन न खाने का जो कारण सबसे सटीक लगता है वो शायद इनकी महक का बहुत तेज होना है। तो शायद सल्फर की वजह से ही बहुत सारे शाकाहारी लोग प्याज लहसुन नहीं खाते हैं।

शुभकामनाओं के साथ
शुचि


  •  samosa chaat

    समोसा चाट

    समोसे की प्रसिद्धि देश-विदेश तक है. पारंपरिक मसालेदार आलू भर कर बनाए गये समोसे इस हद तक प्रसिद्द है कि बॉलीवुड के गाने भी इस पर बन गए जैसे जब तक समोसे में आलू रहेगा... समोसा चाट उत्तर भारत की बहुत प्रसिद्द चाट है.इसको बनाने के लिए हम छोले के साथ समोसे को सर्व करते हैं और इसके ऊपर धनिया की चटनी, मीठी चटनी, दही आदि से इसे सजाकर परोसते हैं. आगे पढ़ें ...



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