3 अप्रैल, 2016

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बसंत/ वसंत नवरात्रि विशेषांक !!

बसंत/ वसंत नवरात्रि हिन्दी पंचांग के अनुसार चैत्र मास की पड़वा से शुरू होती है. वैसे उत्तर भारत में हिन्दी नव वर्ष की शुरुआत भी चैत्र मास की पड़वा से ही होती है. नवरात्रि 9 दिनों तक चलने वाला त्यौहार है . यह नौ दिन बहुत पवित्र माने जाते हैं और इन दिनों पूजा अर्चना और व्रत उपवास रहने की परंपरा रही है. कुछ लोग जहाँ आठ दिन के उपवास के बाद नवें दिन नौ कन्याओं को खाना खिलाने के बाद रामनवमी को उपवास खोलते हैं. वही कुछ लोग पड़वा और अष्टमी का व्रत रखते हैं और फिर नवमी को कन्या खिलाते हैं. बसंत नवरात्रि में नवमी को राम नवमी के रूप में मनाया जाता है.. इस वर्ष नवरात्रि 8 अप्रैल से शुरू हो रही है और रामनवमी का पर्व 15 अप्रैल को मनाया जाएगा. नवमी के दिन कन्या भोज का आयोजन किया जाता है और इस दिन ख़ास खाना बनाया जाता है. नवमी के व्यंजन के बारे में यहाँ पढ़ें.

इस शुभ मौके पर हम कुछ नये फलाहारी व्यंजन बनाएँगे...अभी हमने कुछ फलाहारी व्यंजन जो पहले कुछ व्रत के अवसर पर बनाए थे उन्हे आपके लिए यहाँ पर लिख रही हूँ......

शुभकामनाओं के साथ,
शुचि


भुनी हुई मूँगफली

भुनी हुई मूँगफली - मूँगफली में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है. इसमें लोहा और मैग्निजियम भी पाया जाता है. मूँगफली में इतने गुण होते हैं कि इसे भारत में ग़रीबों की मेवा कहते हैं. मूँगफली का प्रयोग बहुत सारे व्यंजनों में होता है. आमतौर पर मूँगफली को फलाहारी माना जाता है और व्रत के दिनों में इसका उपयोग किया जाता है. मूँगफली को भून कर ही इसका प्रयोग किया जाता है.

अरबी के फलाहारी कबाबअरबी के फलाहारी कबाब-अरबी जिसे उत्तर भारत में घुइयाँ के नाम से भी जाना जाता है आलू और शकरकंद के जैसे आमतौर पर सभी परिवारों में व्रत के दिनों में खाई जाती है. अरबी से कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं. अरबी के कबाब बहुत आसानी से बनने वाला फलाहारी व्यंजन है. अरबी में क्योंकि स्टार्च होता है तो यह थोड़ा चिपकती है, इसलिए हमने इसमें कूटटू का आटा मिलाया है जिससे इसे बाँधने में आसानी रहती है... तो आप भी बना कर देखिए यह स्वादिष्ट फलाहारी कबाब.... .....
Phalahari_Bhel

फलाहारी भेल -मूँगफली में प्रोटीन बहुतायत में होता है और मखाने में कार्बोहाईड्रेट. इन फलाहारी मेवे के साथ बनाई गयी यह भेल व्रत के दिनों में अति उत्तम रहती है. तो बनाइए इस आसान भेल को......इस विधि में भेल या लईया तो है ही नहीं ! - लेकिन व्रत में अन्न वर्जित है, इसीलिए यह बिना भेल की भेल है -मखाने की !

कूटू की पूरी

कूटू की पूरी -कूटू एक ऐसा फल है जिसे व्रत के दिनों में खाया जाता है. कूटू भारत में तो आसानी से मिल जाता है लेकिन भारत के बाहर तो मैने खाली कूटू का आटा ही देखा है. कूटू के आटे से कई स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं. तो चलिए बनाते हैं कूटू की पूरी. कूटू के व्यंजन बनाते समय एक बात का ध्यान रखें कि कूटू की तासीर बहुत गरम होती है इसलिए कूटू के साथ दही ज़रूर खाना चाहिए जिसकी तासीर ठंडी होती है......

स्ट्रॉबेरी शेक

स्ट्रॉबेरी शेक -स्ट्रॉबेरी में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, और स्ट्रॉबेरी फॉलिक एसिड, आइरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम की भी अच्छी सोत्र हैं. दूध और स्ट्रॉबेरी से बनने वाला यह पेय ना केवल स्वादिष्ट है बल्कि बहुत ही फ़ायदेमंद भी है. तो बनाइए इस आसानी से बनने वेल पेय को उपवास के दिनों में...


कुछ और व्रत के व्यंजन

kuttu ki pakaudi singhare ki barfi vrat ke aloo