पान ठंडाई

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ठंडाई उत्तर भारत का एक बहुत ही मशहूर पेय है. यहाँ हम एक खास तरह की पान ठंडाई बना रहे हैं जिसमें हमने सौंफ, पिस्ता, हरी इलायची और पान की पत्तियों का प्रयोग किया है. यह पान ठंडाई बहुत ही स्वादिष्ट है. पारंपरिक ठंडाई को कई प्रकार के मसालों, गुलाब की पत्तियों, और बादाम को पीसकर दूध में डालकर बनाते हैं. ठंडाई उत्तर भारत में खासतौर पर होली के अवसर पर बनायी जाती है. बातों ही बातों में मेरी गुजराती दोस्त ने बताया कि पश्चिम भारत में ठंडाई को ख़ासतौर पर शिव जी के भोग के लिए महा शिवरात्रि के अवसर पर भी बनाते हैं. इस बात से मुझे याद आया कि जब हम छोटे थे तो अगस्त महीने में पड़ने वाले त्यौहार हरितालिका तीज पर हमारे घर के पास वाले मंदिर में लाऊडस्पीकर पर गाना बजा करता था "शिव शंकर ने घोटी भांग कि बुँदिया पड़ने लगीं...." ठंडाई में अक्सर होली के अवसर पर भांग घोटने का भी चलन है. खैर, चलिए महा शिवरात्रि के इस शुभ अवसर पर बनाते हैं नीलकंठ का प्यारा भोग एक नए रूप में- पान ठंडाई. आशा है यह विधि आपको पसंद आये. हमेशा की तरह अपनी राय और सुझाव जरूर लिखें. शुचि

paan thandai
तैयारी का समय : 5 मिनट
पकाने का समय : 0 मिनट
लगभग 200 कैलोरी हर सर्विंग में

सामग्री ( 2 गिलास ठंडाई के लिए)

  • पान के पत्ते 2
  • पिस्ता  ¼ कप
  • हरी इलायची 4
  • सौंफ 1½ बड़े चम्मच
  • दूध 2 कप
  • शक्कर 2 बड़े चम्मच

बनाने की विधि :

  1. नीचे लगी फोटो में पान ठंडाई की सामग्री पान के पत्ते, सौंफ, पिस्ता और इलायची दिखाए गए हैं.
paan thandai ingredients
पान ठंडाई की सामग्री
  1. ग्राइंडर में पान के पत्ते, सौंफ, पिस्ता, इलायची और शक्कर लें. अब इसमें आधा कप दुःख डालें और सभी सामग्री को बारीक़ पीस लें. अब बाकि बचा डेढ़ कप दूध डालें और एक बार फिर से इसे ब्लेंडर में मिक्स करें.
  2. आप चाहें तो ठंडाई को छान सकते हैं सौंफ के धागे हटाने के लिए. वैसे मैं तो ठंडाई को बिना छाने ही सर्व करना पसंद करती हूँ.
paan thandai
  1. स्वादिष्ट पान ठंडाई अब तैयार है. आप इसमें स्वादानुसार बर्फ भी डाल सकते हैं परोसते समय.
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कुछ नुस्खे / टिप्स 

  1. आप ठंडाई के पाउडर को पहले से भी बना कर रख सकते हैं और जब आपको ठंडाई बनानी हो तो इसे दूध में मिला सकते हैं.
  2. गर्मियों के मौसम में मेरी सासू माँ ठंडाई के इन सभी मसालों को पानी में कुछ घंटों के लिए भिगो देती हैं, और फिर सिल-बट्‍टे पर पीस लेती हैं. यह ठंडाई को बनाने का पारंपरिक तरीका है. तरीका है .
  3. अगर आप भारत के बाहर रहते हैं तो मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि ठंडाई की सामग्री इंडियन स्टोर में आसानी से मिल जाती है.

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