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दीपावली!!

प्रिय पाठकों,

दीपावली का पर्व कार्तिक मास की अमावस्या को मानाया जाता है. पाँच दिन लंबा चलने वाला यह पर्व धनतेरस से शुरू होता है, उसके बाद छोटी दीपावली/ नरक चौदस, फिर दीपावली, पड़वा/ अन्नकूट/ गोवर्धन पूजा, और फिर आता है भाई दूज का त्यौहार.

पाँच दिन लंबा चलने वाला दीपावली का पर्वइस प्रकार हैं....

धनतेरस 28 अक्तूबर
दीवाली 30 अक्तूबर
अन्नकूट/ पड़वा 31 अक्तूबर
भाई दूज 1 नवंबर

इस बार हम दीपावली के लिए कुछ खास पकवान बनायेँगें. इस श्रंखला की शुरुआत हम खाने वाले बादाम दीप से करेंगे. यह दिए देखने में अति सुंदर, खाने में बहुत ही स्वादिष्ट और सेहत के लिए भी बिल्कुल दुरुस्त हैं क्योंकि इन्हे बादाम से बनाया गया है ..तो चलिए बनाते हैं बादाम दीप!!!!!!!!

diwali

दीपावली की शुभकामनाओं के साथ,
शुचि

Malpua

मालपुए- मालपुए बहुत ही पसंद की जाने वाली पारंपरिक भारतीय मिठाई है. जाड़े के मौसम में भारत में हलवाई की दुकान में बनते गरमागरम मालपुए आसानी से किसी को भी अपनी ओर खीच लेते हैं.... आप में से बहुत सारे पाठक मालपुए बनाने की विधि के बारे में पूछते रहे हैं.. तो चलिए इस बार दीपावली में बनाते हैं यह स्वादिष्ट मालपुए.....देशी घी में तले और चाशनी में डूबे यह उम्दा मालपुए खाने में तो बहुत स्वादिष्ट हैं लेकिन साथ ही साथ यह कैलोरी से भी भरपूर हैं तो इन्हे खाने के बाद आप सेहत का भी ख्याल रखें और नियमित व्यायाम ना भूलें.... दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ !!!

Badam Deep

बादाम दीप- बादाम दीप जैसा कि नाम से ही जाहिर है यह दिए बादाम के बने हुए हैं और जी हाँ आप इसे मेहमानों को परोस सकते हैं. यह दिए देखने में अति सुंदर, खाने में बहुत ही स्वादिष्ट और सेहत के लिए भी बिल्कुल दुरुस्त हैं क्योंकि इन्हे बादाम से बनाया गया है. खाने वाले दिए बनाने का आइडिया मुझे यू. ए. ई से प्रकाशित होने वाली साप्ताहिक पत्रिका "अभिव्यक्ति" की संपादिका पूर्णिमा वर्धन जी ने दिया था. मैं अभिव्यक्ति पत्रिका की व्यंजन विशेषज्ञ हूँ और नियमित रूप से उनके लिए लिखती भी हूँ. पूर्णिमा जी का बहुत बहुत धन्यवाद....तो आप भी इन खूबसूरत स्वादिष्ट बादाम दीप को बनाएँ और अपनी राय हमें लिख भेजें........

 गोंद के लड्डू गोंद के लड्डू-गोंद/ खाने वाली गोंद एक खास पारक के पेड़ की छाल से निकली जाते है. भारत में गोंद का काफ़ी प्रयोग किया जाता है ख़ासतौर पर जड़े के मौसम में. गोंद को प्रयोग में लाने से पहले या तो इसे तला जाता है घी में या फिर इसे भूना जाता है. वैसे तो लड्डू पूरे भारत वर्ष में की बहुत लोकप्रिय हैं लेकिन गोंद के लड्डू बनाने की एक यह एक पारंपरिक उत्तर भारतीय शैली है. हमने इसमें गोंद के साथ बादाम भी डालें हैं इन लड्डूओं स्वाद बढ़ाने के लिए......

कुछ और पारंपरिक दीपावली की मिठाइयाँ

shakarpare moongdal halwa shahi tukda


some photos for party planning and organization!