28 सितंबर-2016

शरद नवरात्रि !!

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प्रिय पाठकों,

शरद नवरात्रि हिन्दी पंचांग के अनुसार अश्विन (क्वार) महीने में होती है. नवरात्रि 9 दिनों तक चलने वाला त्यौहार है . यह नौ दिन बहुत पवित्र माने जाते हैं और इन दिनों पूजा अर्चना और व्रत उपवास रहने की परंपरा रही है. कुछ लोग जहाँ आठ दिन के उपवास के बाद नवें दिन नौ कन्याओं को खाना खिलाने के बाद नवमी को उपवास खोलते हैं. वही कुछ लोग पड़वा और अष्टमी का व्रत रखते हैं और फिर नवमी को कन्या खिलाते हैं. इस वर्ष नवरात्रि शनिवार, 1 अक्तूबर से शुरू हो रही है और इस महीने में पड़ने वाले कुछ और त्यौहार इस प्रकार हैं....

शरद नवरात्रि की पड़वा- 1 अक्तूबर
अष्टमी- 9 अक्तूबर
नवमी- 10 अक्तूबर
विजय दशमी/ दशहरा- 11 अक्तूबर

संपूर्ण भारतवर्ष में शरद नवरात्रि की अपनी ही महत्ता है. भारतवर्ष में इस अवसर पर खूब धूम होती है . कहीं देवी जागरण तो, कहीं दुर्गा पूजा के पंडाल, कहीं डांडिया, कहीं रास, कहीं गरबा और वहीं कुछ जगहों पर रामलीला के सजे मंच...शरद नवरात्रि कुछ ख़ास इसलिए भी होती है क्योंकि नवमी के बाद आता है विजयदशमी का पर्व....

इस शुभ मौके पर हम कुछ नये फलाहारी व्यंजन बनाएँगे....शुरुआत करते हैं फलाहारी सामो के चावल की खीर से....

शुभकामनाओं के साथ,
शुचि


Grape Chutney अंगूर की चटनी-अंगूर की यह चटनी फलाहारी है. इस चटनी को बनाने का आइडिया मुझे भारत के मशहूर शेफ़ संजीव केपर की एक अंगूर की चटनी से आया और इसमें कुछ बदलाव करके इसे फलाहारी बना लिया है. यह मीठी चटनी स्वादिष्ट तो है साथ में स्वास्थ्य के लिहाज से भी अच्छी है. आप चाहें तो इसमें शक्कर के स्थान पर खजूर भी पीस कर डाल सकते हैं....यह चटनी फलाहारी थालीपीठ , कूटू के पकौड़े या फिर किसी भी फलाहारी स्नैक/ नाश्ते के साथ सर्व करी जा सकती है... ... .
Phalahari Thalipeethफलाहारी थालीपीठ-थालीपीठ एक बहुत प्रसिद्ध माहरॉशट्रियन नमकीन डिश है. आज हम यहाँ पर साबूदाना, उबले आलू, भुनी मूँगफली, और सिंघाड़े के आटे से फलाहारी थालीपीठ बनाएँगे. अगर आप चाहें तो सिंघाड़े के आटे के स्थान पर इसमें कूटू का आटा भी डाल सकते हैं. आप इस स्‍वादिष्ट थालीपीठ को खीरे के रायते, फलाहारी चटनी या फिर सादे दही के साथ भी परोस सकते हैं. तो चलिए बनाते हैं फलाहारी थालीपीठ ....
Samo Rice Kheer फलाहारी खीर-सामो चावल से बनी यह फलाहारी खीर खाने में तो स्वादिष्ट है ही बननाए में भी बहुत आसान है. सामो/ समा चावल आमतौर पर व्रत के दिनों में खाए जाने वाले एक विशेष प्रकार के चावल हैं. देखने में यह चावल सूजी से थोड़े बड़े और दलिया से थोड़े छोटे दाने जैसे होते हैं. वैसे कुछ परिवारों में यह चावल व्रत के दिनों में नही खाया जाता है तो आप अपने परिवार की परंपरा के अनुसार बनाए व्रत का खाना.....सामो चावल की खीर बनाने के बाद कृपया अपनी राय ज़रूर लिखें......

कुछ और व्रत के व्यंजन

Kuttu Ki Poori sabudana pulav cucumber potato salad


some photos for party planning and organization!