गुलगुले

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गुलगुले बहुत ही पारंपरिक मिठाई है जिसे तीज-त्यौहार, और खासतौर पर करवाचौथ और बसौड़ा आदि पर बनाया जाता है. चंद्र भगवान को अर्क देने के बाद गुलगुले से ही व्रत खोला जाता है. इस पारंपरिक गुलगुले में मैने थोड़ी इलायची डाली है खुश्बू और स्वाद के लिए, और इनको थोड़ा धीमी आँच पर तला है जिससे यह करारे हो जाएँ. तो आप भी बनाइए गुलगुले....

gulgule
 सामग्री
(16-20 गुलगुले के लिए )

गुलगुले की सामग्री
  • गेहूँ का आटा 1 कप
  • शक्कर ½ कप
  • हरी इलायची 4-5
  • दही 2 बड़ा चम्मच
  • पानी लगभग ¾ कप
  • सूजी/ रवा 1 बड़ा चम्मच ( वैकल्पिक)
  • कुटी सौंफ 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
  • घी/ तेल तलने के लिए

बनाने की विधि :

  1. हरी इलायची की बाहरी त्वचा निकालें और दानों को दरदरा कूट लें.
  2. एक कटोरे में गेहूँ का आटा, शक्कर, सूजी, इलायची, कुटी सौंफ और दही लें. सभी सामग्री को आपस में अच्छे से मिलाएँ. अब धीरे-धीरे पानी डालें और अच्छे से मिलाते जाएँ. कुछ देर फेटें. यह जो घोल है यह पकोडे के घोल जैसा होना चाहिए. वैसे आपकी सुविधा के लिए मैने नीचे फोटो में भी दिखाया है.
consistency of gulgule batter
गुलगुले का घोल
  1. अब एक कड़ाही में घी/ तेल गरम करें मध्यम आँच पर. अब इसमें 7-8 गुलगुले डालें.
gulgule frying
कड़ाही में गुलगुले
  1. मध्यम-धीमी आँच पर तलें. इसमें लगभग 4 मिनट का समय लगता है. जब गुलगुले सुनहरे हो जाएँ तो इनको किचन पेपर पर निकाल लें.
gulgule frying
लगभग 2 मिनट तलने के बाद गुलगुले

स्वादिष्ट गुलगुले तैयार हैं. अगर गुलगुले बच जाते हैं तो आप इन्हे फ्रिज के बाहर ही रखे. यह दो तीन दिन रख कर भी खाए जा सकते हैं.

कुछ नुस्खे/ सुझाव:

वैसे तो मिठाई देशी घी में ही बनती है लेकिन अगर किसी वजह से आप देशी घी नही इस्तेमाल कर रहें हैं तो वेजिटेबल तेल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

अगर आप चाहें तो थोड़ी सी कुटी सौंफ भी डाल सकते हैं गुलगुले में.

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